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शिक्षा और अधँविश्वास के मानव समाज पर प्रभाव

#sanews हमारा मानव समाज आज शिक्षित होने के बावजुद भी अधँविश्वास मे डुबा हुआ हैं क्योंकि वह शिक्षित होने के बावजूद भी वह किसी भी अज्ञानी ब्राह्मण या सँत द्वारा बताई गई साधनाओ पर आश्रित हो जाते हैं, परिणामस्वरूप उन्हें कुछ भी लाभ प्राप्त नही होता हैं और वह नास्तिक बनने लगतै हैं। यह सब सिर्फ इसलिये होता हैं की इन अज्ञानीयो द्वारा बताई गई  सभी साधनाएं शास्त्रविरुद्ध होती हैं जिससे कोई लाभ नहीं होता है , लेकिन  शिक्षित मानव समाज अपनी शिक्षा का सही उपयोग करके शास्त्रप्रमाणित भक्ति करके लाभ प्राप्त कर सकता है,  आज पुरे सँसार मे सभी सँत और ब्राह्मण केवल मनघड़ंत और शास्त्रविरुद्ध साधनाएं बताकर शिक्षित समाज को भी अधँविश्वासी और नास्तिक बना दिया हैं। लेकिन इसी बीच मानव समाज को अधँविश्वास और नास्तिकता से दुर करने के लिए सँत राम www.jagatgururampaljimaharaj.com पाल जी महाराज शिक्षा के माध्यम से शास्त्रप्रमाणित भक्ति बता रहे जो जिससे मानव समाज को यथार्थ लाभ प्राप्त होता हैं और वह भौतिक सुखो के साथ-साथ मोक्ष का अधिकारी भी बनता हैं। इस शास्त्रप्रमाणित भक्ति से प्रत्येक साधक को वास्तवि...
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शिक्षा और अधँविश्वास

#SpiritualSaintRampalJi  हमारे हिंदू-धर्म के अज्ञानी धर्म-गुरुओ ने अपनी अज्ञानता के कारण हमारे पवित्र हिन्दू-धर्म को शास्त्र विरुद्ध साधना पर लगा दिया हैं,जिससे साधक को कोई लाभ प्राप्त नहीं होता हैं और परिणाम स्वरूप सभी नास्तिक होने लगे हैं।  इन अज्ञानी धर्म गुरुओ  ने अपने स्वार्थ वश और मानबडाई के कारण इन्होंने पुरे मानव समाज को भ्रमित कर दिया हैं जिससे पुरा मानव समाज अधँश्रद्धा के कारण शास्त्रविरुद्ध साधना कर रहा हैं जिसके कारण साधक को ना तो आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता हैं और नहीं भौतिक लाभ प्राप्त होता हैं, परिणाम स्वरूप मानव समाज नास्तिकता के साथ बुरे कर्मो मे लिप्त हो रहा हैं। पाखंड वाद के कारण समाज मे कुरुतियाँ व्याप्त हो गई हैं जो हमारे समाज के लिये ही श्राप बन गई हैं। इस पाखंड वाद को खत्म करने के लिये सँत रामपाल जी महाराज मानव समाज को ऐसी शास्त्रप्रमाणित भक्ति बता रहे हैं जिससे मानव.समाज आध्यात्मिक लाभ के साथ भौतिक लाभ भी प्राप्त करता हैं। सँत रामपाल जी महाराज कुछ सत्य ज्ञान से समाज सभी बुराईयों से दुर हो रहा हैं। अतः हम सभी को सँत रामपाल जी महाराज के शास्त्रप...